भोपाल(ईन्यूज एमपी)- बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ का असर मध्यप्रदेश के मौसम पर दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिनों तक कहीं तेज बारिश तो कहीं आंधी, गरज-चमक और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। बुधवार को प्रदेश के 31 जिलों में मौसम प्रभावित रहने का अनुमान है। वहीं, सीधी, सिंगरौली सहित छह जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का प्रभाव अधिक रहने की संभावना जताई गई है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को चक्रवात का प्रभाव अधिक रह सकता है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है। पूर्वानुमान में 11 जिलों में अति भारी और नौ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी का उल्लेख किया गया है, जबकि अन्य जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व भी मनाया जाएगा। ऐसे में बादल छाए रहने और बारिश होने की स्थिति में कुछ स्थानों पर चंद्रमा के दर्शन में परेशानी आ सकती है। हालांकि, चांद दिखाई देगा या नहीं, यह स्थानीय मौसम और आसमान में बादलों की स्थिति पर निर्भर करेगा। पूर्वानुमान के अनुसार, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर और राजगढ़ में बारिश या गरज-चमक की चेतावनी नहीं दी गई है। इन क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग सहित पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम अधिक प्रभावित हो सकता है। 29 और 30 अक्टूबर को बारिश का प्रभाव बढ़ने की संभावना है। इसके बाद 30 और 31 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम बदला हुआ रह सकता है। मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों और यात्रियों को भी स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।