भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों, सामाजिक कल्याण, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट ब्रीफिंग में दी गई जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर और सिवनी जिलों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 3378 करोड़ रुपये की चार नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। वहीं, वर्ष 2026 को प्रदेश में 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा। इसके तहत 80 प्रतिशत से कम बारिश वाले 12 जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एमएसएमई मंत्री चेतन कश्यप ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान सरकार के फैसलों, उपलब्धियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। सिंचाई परियोजनाओं पर खर्च होंगे 3378 करोड़ रुपये प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के लिए चार नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर और सिवनी जिलों में लागू की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य सिंचाई सुविधाओं को मजबूत कर किसानों को लाभ पहुंचाना है। इसके साथ ही वन विभाग की कैंपा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2050 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के कार्यों को मजबूती देने के लिए भी 345 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। 2026 किसान कल्याण वर्ष, 12 जिलों पर विशेष ध्यान मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। कम बारिश की स्थिति से प्रभावित किसानों को ध्यान में रखते हुए 12 जिलों पर विशेष फोकस रहेगा। सूखे के मापदंडों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री चेतन कश्यप ने स्पष्ट किया कि सूखा घोषित करने के दो प्रमुख आधार हैं। इनमें सामान्य से कम यानी 80 प्रतिशत से कम बारिश होना और फसल की बोवनी का रकबा कम होना शामिल है। सामाजिक कल्याण की 7 योजनाओं के लिए 651 करोड़ सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की सात योजनाओं के लिए 651 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से संबंधित वर्गों के कल्याण और सहायता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर जिलों में जिला शिक्षा कार्यालय खोलने की मंजूरी दी गई है। इससे इन नए जिलों में शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सेवा संकल्प अभियान में 50 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सेवा संकल्प अभियान के तहत पिछले एक महीने में 1345 शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 50 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। सरकार ने अभियान को जनभागीदारी और जनसेवाओं से जोड़ने की पहल के रूप में प्रस्तुत किया। मध्य प्रदेश को मिले राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार कैबिनेट ब्रीफिंग में प्रदेश की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया। राष्ट्रीय पोषण माह में मध्य प्रदेश को देश में तीसरा स्थान मिला है। पर्यटन विभाग को 'स्टेट टूरिज्म ऑफ इंडिया' अवार्ड मिलने की जानकारी भी दी गई। पन्ना के अजय अहिरवार ने वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता के ब्रिकलेइंग वर्ग में पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा, बिजली ट्रांसमिशन लॉस को घटाकर 2.6 प्रतिशत तक लाने के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव में 5800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव के दौरान 5800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई। इसे प्रदेश में औद्योगिक निवेश और तकनीकी क्षेत्र के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, दीपावली के अवसर पर मंत्रियों और आमजन से मिट्टी के दीये खरीदने तथा माटी कला को बढ़ावा देने की अपील की गई। इसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक उत्पादों को प्रोत्साहित करना है। 1 नवंबर को स्थापना दिवस, दिसंबर में सेवा चिंतन शिविर प्रदेश में आगामी आयोजनों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती, 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस और 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती मनाई जाएगी। इसके अलावा, 21 और 22 दिसंबर को सेवा चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई का दावा कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान एक अतिरिक्त मुख्य सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच डेढ़ साल से लंबित होने का मुद्दा उठाया गया। इस पर मंत्री चेतन कश्यप ने कहा कि सरकार ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में ऐसे 201 मामलों में कार्रवाई की गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। GeM पोर्टल की खरीदी में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई का भरोसा नगरीय निकायों में सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीदी और दरों में कथित गड़बड़ी को लेकर भी सवाल पूछा गया। मंत्री ने कहा कि GeM पोर्टल राष्ट्रीय स्तर की व्यवस्था है। यदि इस व्यवस्था के माध्यम से होने वाली खरीदी में कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की बात भी कही।