सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में सीधी स्थित राजस्थान मिष्ठान भंडार में राजस्व, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर स्वर्णा दीवान और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अशोक खरे मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान में उपलब्ध छेना मिठाई, मावा सहित अन्य खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। जिला प्रशासन के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना तथा आम लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। टीम ने प्रतिष्ठान में तैयार और बिक्री के लिए रखी गई खाद्य सामग्री की सैंपलिंग की, ताकि उनकी गुणवत्ता का प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जा सके। ### खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए सैंपलिंग मिठाई की दुकानों में उपयोग होने वाले मावे, छेना और अन्य सामग्री की गुणवत्ता उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रशासन द्वारा लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। ### दूध उत्पादन और मिठाई निर्माण क्षमता पर भी उठे सवाल कार्रवाई के दौरान सीधी में उपलब्ध दूध उत्पादन की तुलना में बड़े स्तर पर मिठाइयों के निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, उत्पादन क्षमता, कच्चे माल की उपलब्धता और प्रतिष्ठान में तैयार मिठाइयों की वास्तविक मात्रा से संबंधित तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना आवश्यक है। फिलहाल अधिकारियों द्वारा की गई सैंपलिंग की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रतिष्ठान में तैयार और बेची जा रही मिठाइयां निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जांच और निगरानी का महत्व एक बार फिर सामने आया है। अब नमूनों की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर लोगों की नजर रहेगी।