भोपाल(ईन्यूज़ एमपी): पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और हरित जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, सीधी द्वारा 'हरित संगम सम्मेलन' का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन शहर के रोली मेमोरियल सभागार में आयोजित हुआ, जहां सैकड़ों प्रकृति प्रेमी, शिक्षाविद, व्यवसायी, सामाजिक कार्यकर्ता, और मातृशक्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद UCN MAS विद्यालय के बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण पर शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान मंचासीन अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। मुख्य वक्ता प्रदीप सिंह ने सरल और प्रेरणादायक शब्दों में सभी से हरित जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। हरित क्रांति का विस्तार: सम्मेलन में "एक थाली - एक थैला अभियान" का विशेष उल्लेख किया गया, जिसके तहत शहरवासियों ने हजारों स्टील की थालियां और कपड़े के थैले प्रयागराज महाकुंभ को हरित कुंभ बनाने के लिए दान किए। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के कार्यकर्ताओं ने हरित घर संपर्क अभियान के तहत हजारों घरों तक पहुंचकर जागरूकता फैलाई। प्लास्टिक मुक्त आयोजन का उदाहरण: कार्यक्रम को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त रखा गया। आगंतुकों का स्वागत कपड़े से बने पटकों और वृक्षों के रूप में भेंट देकर किया गया। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति यह प्रतिबद्धता सम्मेलन को विशेष और प्रेरणादायक बना गई। मुख्य अतिथि के रूप में माननीय नगर संघचालक संजीव श्रीवास्तव, मुख्य वक्ता के रूप में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि महाकौशल प्रांत के सह संयोजक प्रदीप सिंह, विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रमुख बी के रेखा बहन, आरएसएस के जिला प्रचारक शुभम रजक जी,पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के सिंगरौली विभाग संयोजक रोहिणी विश्वकर्मा, जिला संयोजक शिवदत्त उर्मिलिया के अलावा शहर के प्रकृति प्रेमी, शिक्षण संस्थान प्रमुख, पत्रकार, चिकित्सक, व्यवसाई, मातृ शक्तियां, धार्मिक संस्थान प्रमुख समेत अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सम्मेलन में आगामी पर्यावरणीय गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की गई। इसके साथ ही सभी ने हरित घर प्रणाली को अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। बतादें कि यह सम्मेलन न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का मंच बना, बल्कि हरित जीवनशैली को अपनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ।