सीधी(ईन्यूज एमपी)- जनपद पंचायत सीधी के सभागार में संचालित नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए जिला विधिक सहायता अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला ने कहा कि अनुच्छेद 39A का मुख्य उद्देश्य समाज के गरीब और कमजोर तबकों को न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि जरूरतमंद लोग समय पर न्याय प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि यह अनुच्छेद 1976 के 42वें संविधान संशोधन के तहत जोड़ा गया और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लीगल सर्विस अथॉरिटी एक्ट 1987 पारित किया गया। इस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय, राज्य, जिला और तालुका विधिक सेवा प्राधिकरणों की स्थापना की गई, जो न्यायिक सहायता प्रदान करते हैं। श्री शुक्ला ने बताया कि ये प्राधिकरण लोक अदालतों का आयोजन करते हैं, जहां विवादों का निपटारा किया जाता है और फैसलों के खिलाफ अपील की अनुमति नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि एससी/एसटी, महिलाएं, बच्चे, त्रासदी पीड़ित, और एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लोग इस प्राधिकरण के तहत नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन का अंतिम मौका: ऐसे छात्र-छात्राएं जिन्होंने अभी तक नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे सोमवार से शनिवार, सुबह 7 से 9 बजे के बीच कोचिंग स्थल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा, जो उम्मीदवार यूपीएससी या एमपीपीएससी के मेंस या साक्षात्कार में भाग ले चुके हैं और स्वेच्छा से शिक्षण सेवाएं देना चाहते हैं, वे भी संपर्क कर सकते हैं। यह नि:शुल्क कोचिंग कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी और अपर कलेक्टर राजेश शाही के मार्गदर्शन में, आदर्श परिवार और आधुनिक नालंदा के डायरेक्टर परीक्षित भारती के सहयोग से जनपद पंचायत सभागार में निरंतर संचालित हो रही है।