सीधी (ईन्यूज़ एमपी): सीधी और सिंगरौली के हजारों छात्रों के लिए उच्च शिक्षा अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। गुरुवार को लोकसभा में सांसद डॉ. राजेश मिश्र ने इस अहम मुद्दे को उठाते हुए सीधी में विश्वविद्यालय की स्थापना की जोरदार मांग रखी। उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में तीन जिले—सीधी, सिंगरौली और शहडोल का आधा भाग आता है, लेकिन अब तक यहां विश्वविद्यालय नहीं है। 200 किलोमीटर का सफर, छात्राओं को सबसे ज्यादा परेशानी सांसद मिश्र ने सदन में बताया कि यहां के छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालयीन कार्यों के लिए 200 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। एक दिन में काम पूरा न होने के कारण कई बार उन्हें दो दिन तक रुकना पड़ता है। खासकर छात्राओं को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर सीधी में विश्वविद्यालय बनता है, तो न केवल उनकी समस्याएं हल होंगी बल्कि शिक्षा के नए आयाम स्थापित होंगे और क्षेत्र में साक्षरता दर भी बढ़ेगी। शिक्षा मंत्री से अपील, क्या पूरी होगी यह मांग? सांसद डॉ. मिश्र ने लोकसभा के माध्यम से शिक्षा मंत्री से अपील की कि सीधी जिला मुख्यालय में विश्वविद्यालय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के हजारों छात्रों का हक है। विकास की लड़ाई में सांसद की मुहिम जारी बता दें कि सांसद डॉ. मिश्र पहले भी संसद में सीधी संसदीय क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठा चुके हैं। वे लगातार मंत्रियों और अधिकारियों से मिलकर क्षेत्र के विकास की योजनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा, "सीधी संसदीय क्षेत्र का सर्वांगीण विकास ही मेरा लक्ष्य है। मैंने इसके लिए ठोस रूपरेखा तैयार की है और पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा हूं।" अब देखने वाली बात होगी कि सरकार इस मांग को कितनी गंभीरता से लेती है और क्या सीधी-सिंगरौली के छात्रों को जल्द ही अपने जिले में विश्वविद्यालय की सौगात मिलेगी?