भोपाल (ईन्यूज एमपी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को मध्यप्रदेश के दौरे पर रहेंगे, जहां वे खजुराहो में देश की पहली *केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना* की आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र की दशा और दिशा बदलने की एक ऐतिहासिक पहल होगी। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य जल संकट से जूझ रहे इस क्षेत्र को राहत प्रदान करना है और इसे स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। **परियोजना का स्वरूप और लाभ** 1. **दौधन बांध निर्माण**: - पन्ना टाइगर रिजर्व में 77 मीटर ऊंचा और 2.13 किलोमीटर लंबा बांध बनेगा। - बांध में 2,853 मिलियन घन मीटर जल का भंडारण होगा। - 2 टनल (1.9 किमी अपर लेवल और 1.1 किमी लोअर लेवल) का निर्माण होगा। 2. **नदी जोड़ने का युगांतरकारी कदम**: - केन नदी के अधिशेष जल को 221 किमी लंबी लिंक नहर के माध्यम से बेतवा नदी में स्थानांतरित किया जाएगा। - यह 10 जिलों (पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी, और दतिया) के लाखों किसानों और ग्रामीणों के जीवन को संवारने का वादा करता है। 3. **लाभ का आकलन**: - **सिंचाई**: 8.11 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा, जिससे 7 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। - **पेयजल**: 44 लाख लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। - **ऊर्जा उत्पादन**: 103 मेगावाट जल विद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन। बुंदेलखंड की तस्वीर बदलेगी** परियोजना का कुल बजट ₹44,605 करोड़ है, जो इसे भारत की सबसे महंगी और उन्नत जल परियोजनाओं में से एक बनाता है। इस पहल से जल संकटग्रस्त बुंदेलखंड में समृद्धि का नया युग शुरू होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी जल सुरक्षा और किसान कल्याण को प्राथमिकता दी है। यह परियोजना उन्हीं प्रयासों का हिस्सा है, जो भारत को जल-समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पर्यावरणीय और सामरिक महत्व** - परियोजना के तहत *पन्ना टाइगर रिजर्व* में पर्यावरणीय सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा। - स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन से क्षेत्र में ऊर्जा संकट कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।