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Home सीधी दर्पण बड़ी खबर: सीधी में अब शादी-बारात से लेकर भंडारे तक चाहिए 'परमिट': आयोजनों पर कलेक्टर का सख्त फरमान!"

बड़ी खबर: सीधी में अब शादी-बारात से लेकर भंडारे तक चाहिए 'परमिट': आयोजनों पर कलेक्टर का सख्त फरमान!"

सीधी (ईन्यूज़ एमपी): सीधी जिले में शादी-ब्याह हो या धार्मिक भंडारा, अब बिना प्रशासन की अनुमति के कोई आयोजन करना आसान नहीं होगा। जिला दंडाधिकारी स्वरोचिष सोमवंशी ने गुरुवार को नया आदेश जारी करते हुए आयोजकों पर जिम्मेदारी का पहाड़ खड़ा कर दिया। कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि हर छोटे-बड़े सामाजिक और धार्मिक आयोजन के लिए उपखंड दंडाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

क्या हैं नए नियम?
अब आयोजनों में संभावित भगदड़, अव्यवस्था और दुर्घटनाओं से निपटने के लिए विस्तृत गाइडलाइन्स लागू होंगी। आयोजकों को आगमन और निर्गमन के लिए व्यवस्थित बैरिकेटिंग करनी होगी, अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाने होंगे, और आपात स्थिति के लिए इमरजेंसी दरवाजे तैयार रखने होंगे।

कड़क व्यवस्थाएं:
1. सीसीटीवी से निगरानी: भीड़ पर कड़ी नजर रखने के लिए कैमरे लगाना होगा।
2. अलग रास्ते: महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग मार्ग अनिवार्य।
3. अग्निशमन यंत्र: किसी भी अग्निकांड से निपटने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर।
4. भीड़ प्रबंधन: हर 500 लोगों पर प्रशिक्षित सेवादारों की नियुक्ति।
5. स्वास्थ्य सुविधाएं: एम्बुलेंस, डॉक्टर और दवाइयों की अनिवार्य व्यवस्था।

अब आयोजकों के लिए सिरदर्द बढ़ गया है। शादी-ब्याह के कार्ड पर 'वर-वधू के लिए मंगलकामना' के साथ 'एसडीएम परमिशन अप्रूव्ड' की मुहर भी जरूरी हो गई है। यह आदेश न केवल जिम्मेदारी बढ़ाएगा, बल्कि आयोजनों में अनुशासन भी लाएगा।

फिलहाल कलेक्टर के इस आदेश के बाद अब आयोजनों में 'मौज' से ज्यादा 'मैनेजमेंट' पर जोर रहेगा। जनता की सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए ये कदम सराहनीय है, लेकिन क्या आयोजक इसे बोझ समझेंगे या सहर्ष अपनाएंगे? यह समय बताएगा।

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