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एमपी में चौथे साल में सरकारी नौकरी पक्की करने की तैयारी....

भोपाल(ईन्यूज एमपी)-प्रदेश में सरकारी नौकरी अब तीन की जगह चौथे साल में पक्की (कर्न्फम) होगी। इसके लिए कमलनाथ सरकार ने परीविक्षा अवधि दो से बढ़ाकर तीन साल करने जा रही है। इतना ही नहीं परीवीक्षा अवधि में पूरा वेतन भी नहीं मिलेगा। पहले साल 70, दूसरे साल 80 और तीसरे साल 90 प्रतिशत वेतन दिया जाएगा। चौथे साल से पद के लिए निर्धारित पूरा वेतन मिलेगा। हालांकि, यह प्रावधान फिलहाल राज्य लोकसेवा आयोग के माध्यम से जिन पदों पर भर्ती होती है, उन पर लागू नहीं होंगे।

उधर, वर्दीधारी पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा भी पांच साल बढ़ाई जा रही है। यह अभी 28 साल है। इसे बढ़ाकर 33 साल किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने यह दोनों प्रस्ताव नीतिगत निर्णय के लिए कैबिनेट के सामने रखने भेज दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक सरकार का मानना है कि परीवीक्षा अवधि में कर्मचारी काम सीखता है और जब यह पूरी होती है तो वह पूरी तरह पद के योग्य काम करने तैयार हो जाता है। प्रदेश में अभी परीवीक्षा की अवधि दो साल है। इसे बढ़ाकर तीन साल करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही परीवीक्षा अवधि में पूरा वेतन की जगह पहले साल 70, दूसरे साल 80 और तीसरे साल 90 प्रतिशत देने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

बताया जा रहा है कि इससे सरकार का वेतन में खर्च होने वाला बजट तो बचेगा ही कर्मचारी भी पूरी शिद्दत के साथ परीवीक्षा पूरी करेंगे क्योंकि इसमें असफल होने पर नौकरी से हाथ भी धोना पड़ सकता है। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभागीय परीक्षा, प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड, एमपी ऑनलाइन सहित अन्य एजेंसियों के माध्यम से होने वाली भर्तियों में यह प्रावधान लागू किया जाएगा।

उधर, प्रदेश में वर्दीधारी पदों (पुलिस, वन, आबकारी, परिवहन सहित अन्य) के लिए सरकार अधिकतम आयु सीमा नए सिरे से तय करने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने पहले अधिकतम आयु सीमा 28 साल रखना प्रस्तावित किया था लेकिन विभागीय मंत्री डॉ.गोविंद सिंह ने इसे 33 साल रखने के निर्देश दिए। दरअसल, पांच जून 2017 के पहले भी यही आयु सीमा थी लेकिन शिवराज सरकार ने इसे घटाकर 28 साल कर दिया था। मध्यप्रदेश के युवाओं को पांच साल की अतिरिक्त छूट दी गई थी।

हाईकोर्ट में प्रदेश और अन्य राज्यों के आवेदकों के बीच मूल निवासी के आधार पर भेदभाव को असंवैधानिक मानते हुए निर्देश दिए कि नियमों में सुधार किया जाए। इसके आधार पर अन्य पदों के लिए आयु सीमा बढ़ाई जा चुकी है। वर्दीधारी पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 साल रहेगी। महिला सहित आरक्षित पदों के लिए यह आयु सीमा 38 साल रहेगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव कैबिनेट में रखे जाने के लिए मुख्य सचिव कार्यालय को भेज दिया है।

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