(ईन्यूज़ एमपी): एक सामान्य सी सफाई थी, लेकिन अगले ही पल यह मौत का कुआं बन गया! आठ ग्रामीण कुएं में उतरे, लेकिन वापस कोई नहीं लौटा। कोई फंसा, कोई बचाने गया और फिर देखते ही देखते एक के बाद एक मौत की आगोश में समाते गए। आखिर ऐसा क्या हुआ कि पूरा गांव मातम में डूब गया? खंडवा जिले के छैगांवमाखन क्षेत्र के कोंडावत गांव में गणगौर पर्व से पहले कुएं की सफाई के दौरान यह दिल दहला देने वाली घटना हुई। ग्रामीण जवारों के विसर्जन के लिए कुएं की सफाई कर रहे थे, लेकिन दलदल में फंसने और जहरीली गैस की चपेट में आने से सभी की दर्दनाक मौत हो गई। तीन घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी! घटना के बाद प्रशासन, पुलिस, एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीमें मौके पर पहुंचीं और तीन घंटे की मशक्कत के बाद सभी शव निकाले गए। लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर सही समय पर सावधानी बरती जाती, तो क्या ये मौतें रोकी जा सकती थीं? मृतकों की सूची: 1. बलिराम आसाराम पटेल (26) 2. मोहन मंशाराम पटेल (55) 3. अनिल आत्माराम पटेल (25) 4. शरण सुखराम पटेल (35) 5. गजानंद गोपाल पटेल (32) 6. राकेश हरि पटेल (22) 7. अजय मोहन पटेल (27) 8. अर्जुन पिता गोविंद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया शोक, 4 लाख की सहायता राशि का ऐलान: मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और ईश्वर से प्रार्थना की कि परिवारों को यह असीम दुख सहने की शक्ति मिले।