सीधी ( ईन्यूज एमपी )मध्यप्रदेश के सीधी में काम के अभाव के चलते पलायन कर आंधप्रदेश पंहुचे दर्जनों मजदूरों को एक निजी कम्पनी ने बंधक वना लिया है । बंधक मजदूरों ने शोषल मीडिया में एक वीडियो क्लिप वायरल कर मुक्त कराने की गुहार लगाई है । बंधक मजदूरों की जारी अपील उपरांत सीधी के प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है । बतादें कि सीधी जिले में सरकार की विकास योजनाओं के दावे की पोल उसे समय खुल गई जव आंधप्रदेश से अचानक मजदूरों को पिछले दो महीने से फंसे होने की खबर आई यह मजदूर गरीब बताये जा रहे हैं साथ ही ईश्वरनंदा इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी के द्वारा इनका शोषण करना बताया जा रहा है हालत यह हुई कि शासन प्रशासन को इसका कोई ध्यान ना रहा इसके अतिरिक्त उन फंसे हुए मजदूरों को अपनी वीडियो के माध्यम से यह जानकारी प्रशासन तक पहुंचानी पड़ी प्रशासन देखना है इस पर आगे क्या एक्शन लेगा लेकिन उन मजदूरों के इस वीडियो ने प्रशासन के सामने कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि रोजगार का दावा करने वाली सरकार जो कि मनरेगा एवं बिरसा मुंडा स्वरोजगार जैसी योजनाओं का दम भरती है और समस्त रोजगार आंकड़ों में दर्शाया जाता है आज उसे कागजी रोजगार की पोल खुल गई हालत यह है कि उन 18 मजदूरों की खोज खबर लेने वाला कोई नहीं है देखना यही है कि शासन प्रशासन कब तक उन बंधकों को छुड़ा पाता है और कब वह अपने घर वापस आ पाते हैं प्रशासन से यह मांग हमेशा रही है कि आदिवासी बाहुल्य जिले के इलाकों में ऐसी बंधक बनाने की जो घटनाएं हैं इसको सरकार रोक लगाये तथा साथ ही आदिवासियों के लिए और गरीबों के लिए रोजगार की व्यवस्था गृह जिलों में ही की जाए! आंध्रप्रदेश में फंसे मजदूरों की पुष्टि जिले के पुलिस कप्तान डॉक्टर रवीन्द्र वर्मा ने करते हुये मदद की बात कही है , वंही दूसरी ओर जिले के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने भी श्रम अमले को अलर्ट कर दिया है अब आगे देखना होगा कि बंधक मजदूरों की घर वापसी कब होगी ...